
इस काण्ड में
- मंगलाचरणमंगलाचरण
- मंगलाचरणनल-नीलद्वारा पुल बाँधना, श्रीरामजीद्वारा श्रीरामेश्वरकी स्थापना
- दोहा 4श्रीरामजीका सेनासहित समुद्र पार उतरना, सुबेल पर्वतपर निवास, रावणकी व्याकुलता
- दोहा 4रावणको मन्दोदरीका समझाना, रावण-प्रहस्त-संवाद
- दोहा 10सुबेलपर श्रीरामजीकी झाँकी और चन्द्रोदयवर्णन
- दोहा 12bश्रीरामजीके बाणसे रावणके मुकुट-छत्रादिका गिरना
- दोहा 14मन्दोदरीका फिर रावणको समझाना और श्रीरामकी महिमा कहना
- दोहा 17bअंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- दोहा 35bरावणको पुनः मन्दोदरीका समझाना
- दोहा 38bअंगद-राम-संवाद
- दोहा 38bयुद्धारम्भ
- दोहा 47माल्यवान्का रावणको समझाना
- दोहा 51लक्ष्मण-मेघनाद-युद्ध, लक्ष्मणजीको शक्ति लगना
- दोहा 55हनुमान्जीका सुषेण वैद्यको लाना एवं संजीवनीके लिये जाना, कालनेमि-रावण-संवाद, मकरी-उद्धार, कालनेमि-उद्धार
- दोहा 57भरतजीके बाणसे हनुमान्का मूर्च्छित होना, भरत-हनुमान्-संवाद
- दोहा 59श्रीरामजीकी प्रलापलीला, हनुमान्जीका लौटना, लक्ष्मणजीका उठ बैठना
- दोहा 61रावणका कुम्भकर्णको जगाना, कुम्भकर्णका रावणको उपदेश और विभीषण-कुम्भकर्ण-संवाद
- दोहा 64कुम्भकर्ण-युद्ध और उसकी परमगति
- दोहा 71मेघनादका युद्ध, रामजीका लीलासे नागपाशमें बँधना
- दोहा 75मेघनाद-यज्ञ-विध्वंस, युद्ध और मेघनाद-उद्धार
- दोहा 78रावणका युद्धके लिये प्रस्थान और श्रीरामजीका विजय-रथ तथा वानर-राक्षसोंका युद्ध
- दोहा 81लक्ष्मण-रावण-युद्ध
- दोहा 83रावण-मूर्च्छा,रावण-यज्ञ-विध्वंस,राम-रावण-युद्ध
- दोहा 88इन्द्रका श्रीरामजीके लिये रथ भेजना, राम-रावण-युद्ध
- दोहा 92रावणका विभीषणपर शक्ति छोड़ना, रामजीका शक्तिको अपने ऊपर लेना, विभीषण-रावण-युद्ध
- दोहा 94रावण-हनुमान्-युद्ध, रावणका माया रचना, रामजीद्वारा माया-नाश
- दोहा 95घोर युद्ध, रावणकी मूर्च्छा
- दोहा 98त्रिजटा-सीता-संवाद
- दोहा 101bराम-रावण-युद्ध, रावण-वध, सर्वत्र जयध्वनि
- दोहा 103मन्दोदरी-विलाप, रावणकी अन्त्येष्टि-क्रिया
- दोहा 106विभीषणका राज्याभिषेक
- दोहा 106हनुमान्जीका सीताजीको कुशल सुनाना, सीताजीका आगमन और अग्नि-परीक्षा
- दोहा 109bदेवताओंकी स्तुति, इन्द्रकी अमृत-वर्षा
- दोहा 115विभीषणकी प्रार्थना, श्रीरामजीके द्वारा भरतजीके प्रेमदशाका वर्णन,शीघ्र अयोध्या पहुँचनेका अनुरोध
- दोहा 117bविभीषणका वस्त्राभूषण बरसाना और वानर-भालुओंका उन्हें पहनना
- दोहा 118cपुष्पकविमानपर चढ़कर श्रीसीता-रामजीका अवधके लिये प्रस्थान
- दोहा 121bश्रीरामचरितकी महिमा
विषय-सूची
सातों काण्ड
गीताप्रेस, गोरखपुर का संस्करण। पुस्तक खरीदें