
रामचरितमानस
गोस्वामी तुलसीदास
श्रीरामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास श्री राम की कथा अवधी में कहते हैं। उनके चरित्र से भक्ति और धर्म की शिक्षा मिलती है। यहाँ प्रत्येक पद का अर्थ साथ दिया गया है, जिससे हम समझकर पढ़ सकें।
- बालकाण्डश्री राम का जन्म और माता सीता से विवाह।
- अयोध्याकाण्डश्री राम का वनवास, भरत का सिंहासन त्याग।
- अरण्यकाण्डरावण का सीताहरण, जटायु का संघर्ष, शबरी का आतिथ्य।
- किष्किन्धाकाण्डहनुमानजी से मिलन, सुग्रीव से मैत्री, खोज का आरम्भ।
- सुन्दरकाण्डहनुमानजी माता सीता को खोजकर उनका सन्देश लाते हैं।
- लंकाकाण्डश्री राम की विजय और अयोध्या में राज्याभिषेक।
- उत्तरकाण्डरामराज्य की स्थापना, काकभुशुण्डि और गरुड़ का भक्तिविषयक संवाद।









