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सुन्दरकाण्ड

Sundara-Kāṇḍa · 60 दोहे · 343 पद

इस काण्ड में

  1. मंगलाचरणमंगलाचरण
  2. मंगलाचरणहनुमान्‌जीका लङ्काको प्रस्थान, सुरसासे भेंट,छाया पकड़नेवाली राक्षसीका वध
  3. दोहा 3लङ्कावर्णन, लङ्किनीपर प्रहार,लङ्कामें प्रवेश
  4. दोहा 4हनुमान्-विभीषण-संवाद
  5. दोहा 8हनुमान्‌जीका अशोकवाटिकामें सीताको देखकर दुःखी होना और रावणका सीताजीको भय दिखलाना
  6. दोहा 10श्रीसीता-त्रिजटा-संवाद
  7. दोहा 12श्रीसीता-हनुमान्-संवाद
  8. दोहा 17हनुमान्‌जीद्वारा अशोकवाटिका-विध्वंस, अक्षयकुमार-वध और मेघनादका हनुमान्‌जीको नागपाशमें बाँधकर सभामें ले जाना
  9. दोहा 20हनुमान्-रावण-संवाद
  10. दोहा 25लङ्का-दहन
  11. दोहा 25लङ्का जलानेके बाद हनुमान्‌जीका सीताजीसे विदा माँगना और चूड़ामणि पाना
  12. दोहा 25समुद्रके इस पार आना, सबका लौटना, मधुवन-प्रवेश,सुग्रीव-मिलन, श्रीराम-हनुमान्-संवाद
  13. दोहा 35श्रीरामजीका वानरोंकी सेनाके साथ चलकर समुद्रतटपर पहुँचना
  14. दोहा 35मन्दोदरी-रावण-संवाद
  15. दोहा 37रावणको विभीषणका समझाना और विभीषणका अपमान
  16. दोहा 41विभीषणका भगवान् श्रीरामजीकी शरणके लिये प्रस्थान और शरणप्राप्ति
  17. दोहा 49bसमुद्र पार करनेके लिये विचार, रावणदूत शुकका आना और लक्ष्मणजीके पत्रको लेकर लौटना
  18. दोहा 53दूतका रावणको समझाना और लक्ष्मणजीका पत्र देना
  19. दोहा 57समुद्रपर श्रीरामजीका क्रोध और समुद्रकी विनती
  20. दोहा 59श्रीराम-गुणगानकी महिमा

विषय-सूची

  1. ॐ
  2. 1
  3. 2
  4. 3
  5. 4
  6. 5
  7. 6
  8. 7
  9. 8
  10. 9
  11. 10
  12. 11
  13. 12
  14. 13
  15. 14
  16. 15
  17. 16
  18. 17
  19. 18
  20. 19
  21. 20
  22. 21
  23. 22
  24. 23
  25. 24
  26. 25
  27. 26
  28. 27
  29. 28
  30. 29
  31. 30
  32. 31
  33. 32
  34. 33
  35. 34
  36. 35
  37. 36
  38. 37
  39. 38
  40. 39b
  41. 40
  42. 41
  43. 42
  44. 43
  45. 44
  46. 45
  47. 46
  48. 47
  49. 48
  50. 49b
  51. 50
  52. 51
  53. 52
  54. 53
  55. 54
  56. 55
  57. 56b
  58. 57
  59. 58
  60. 59
  61. 60

सातों काण्ड

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