उमा कहउँ मैं अनुभव अपना
चौ०
उमा कहउँ मैं अनुभव अपना। सत हरि भजनु जगत सब सपना॥ पुनि प्रभु गए सरोबर तीरा। पंपा नाम सुभग गंभीरा॥३॥
भावार्थ
हे उमा! मैं तुम्हें अपना अनुभव कहता हूँ—हरिका भजन ही सत्य है, यह सारा जगत् तो स्वप्न [ की भाँति झूठा ] है। फिर प्रभु श्रीरामजी पंपा नामक सुन्दर और गहरे सरोवरके तीरपर गये॥ ३ ॥
Meaning (English)
“Umā, I tell you my own experience: the only real thing is adoration of Śrī Rāma; the whole world is an illusion just like a dream.” The Lord then repaired to the shore of the deep and beautiful lake known by the name of Paṁpā. (3)
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