धीरज धर्म मित्र अरु नारी
चौ०
धीरज धर्म मित्र अरु नारी। आपद काल परिखिअहिं चारी॥ बृद्ध रोगबस जड़ धनहीना। अंध बधिर क्रोधी अति दीना॥४॥
भावार्थ
धैर्य, धर्म, मित्र और स्त्री—इन चारोंकी विपत्तिके समय ही परीक्षा होती है। वृद्ध, रोगी, मूर्ख, निर्धन, अन्धा, बहरा, क्रोधी और अत्यन्त ही दीन— ॥४॥
Meaning (English)
“Fortitude, piety, a friend and a wife—these four are put to the test only in times of adversity. Old, sick, dull-headed, indigent, blind, deaf, wrathful or most wretched, (4)
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