Ramayana.com

दोहा 84

चौ०

तदपि करब मैं काजु तुम्हारा। श्रुति कह परम धरम उपकारा॥ पर हित लागि तजइ जो देही। संतत संत प्रसंसहिं तेही॥१॥

भावार्थ

तथापि मैं तुम्हारा काम तो करूँगा, क्योंकि वेद दूसरेके उपकारको परम धर्म कहते हैं। जो दूसरेके हितके लिये अपना शरीर त्याग देता है, संत सदा उसकी बड़ाई करते हैं॥१॥

चौ०

अस कहि चलेउ सबहि सिरु नाई। सुमन धनुष कर सहित सहाई॥ चलत मार अस हृदयँ बिचारा। सिव बिरोध ध्रुव मरनु हमारा॥२॥

भावार्थ

यों कह और सबको सिर नवाकर कामदेव अपने पुष्पके धनुषको हाथमें लेकर [वसन्तादि] सहायकोंके साथ चला। चलते समय कामदेवने हृदयमें ऐसा विचार किया कि शिवजीके साथ विरोध करनेसे मेरा मरण निश्चित है॥२॥

चौ०

तब आपन प्रभाउ बिस्तारा। निज बस कीन्ह सकल संसारा॥ कोपेउ जबहिं बारिचरकेतू। छन महुँ मिटे सकल श्रुति सेतू॥३॥

भावार्थ

तब उसने अपना प्रभाव फैलाया और समस्त संसारको अपने वशमें कर लिया। जिस समय उस मछलीके चिह्नकी ध्वजावाले कामदेवने कोप किया, उस समय क्षणभरमें ही वेदोंकी सारी मर्यादा मिट गयी॥३॥

चौ०

ब्रह्मचर्ज ब्रत संजम नाना। धीरज धरम ग्यान बिग्याना॥ सदाचार जप जोग बिरागा। सभय बिबेक कटकु सबु भागा॥४॥

भावार्थ

ब्रह्मचर्य, नियम, नाना प्रकारके संयम, धीरज, धर्म, ज्ञान, विज्ञान, सदाचार, जप, योग, वैराग्य आदि विवेककी सारी सेना डरकर भाग गयी॥४॥

छं०

भागेउ बिबेकु सहाय सहित सो सुभट संजुग महि मुरे। सदग्रंथ पर्बत कंदरन्हि महुँ जाइ तेहि अवसर दुरे॥ होनिहार का करतार को रखवार जग खरभरु परा। दुइ माथ केहि रतिनाथ जेहि कहुँ कोपि कर धनु सरु धरा॥

भावार्थ

विवेक अपने सहायकोंसहित भाग गया, उसके योद्धा रणभूमिसे पीठ दिखा गये। उस समय वे सब सद्‌ग्रन्थरूपी पर्वतकी कन्दराओंमें जा छिपे (अर्थात्‌ ज्ञान, वैराग्य, संयम, नियम, सदाचारादि ग्रन्थोंमें ही लिखे रह गये; उनका आचरण छूट गया)। सारे जगत्‌में खलबली मच गयी [और सब कहने लगे—] हे विधाता! अब क्या होनेवाला है, हमारी रक्षा कौन करेगा? ऐसा दो सिरवाला कौन है, जिसके लिये रतिके पति कामदेवने कोप करके हाथमें धनुष-बाण उठाया है?

दो०

जे सजीव जग अचर चर नारि पुरुष अस नाम। ते निज निज मरजाद तजि भए सकल बस काम॥८४॥

भावार्थ

जगत्‌में स्त्री-पुरुष संज्ञावाले जितने चर-अचर प्राणी थे, वे सब अपनी-अपनी मर्यादा छोड़कर कामके वश हो गये॥८४॥

Ramayan appFree. No ads. Works offline.Install

गीताप्रेस, गोरखपुर का संस्करण। पुस्तक खरीदें