---
title: "बालकाण्ड दोहा 352"
canonical: "https://ramayana.com/hi/ramcharitmanas/bal-kand/doha-352"
lang: "hi"
---

# बालकाण्ड · दोहा 352

**चौ०** 
> जो बसिष्ट अनुसासन दीन्ही। लोक बेद बिधि सादर कीन्ही॥  
> भूसुर भीर देखि सब रानी। सादर उठीं भाग्य बड़ जानी॥१॥

भावार्थ: वसिष्ठजीने जो आज्ञा दी, उसे लोक और वेदकी विधिके अनुसार राजाने आदरपूर्वक किया। ब्राह्मणोंकी भीड़ देखकर अपना बड़ा भाग्य जानकर सब रानियाँ आदरके साथ उठीं॥ १ ॥

**चौ०** 
> पाय पखारि सकल अन्हवाए। पूजि भली बिधि भूप जेवाँए॥  
> आदर दान प्रेम परिपोषे। देत असीस चले मन तोषे॥२॥

भावार्थ: चरण धोकर उन्होंने सबको स्नान कराया और राजाने भलीभाँति पूजन करके उन्हें भोजन कराया। आदर, दान और प्रेमसे पुष्ट हुए वे सन्तुष्ट मनसे आशीर्वाद देते हुए चले॥ २ ॥

**चौ०** 
> बहु बिधि कीन्हि गाधिसुत पूजा। नाथ मोहि सम धन्य न दूजा॥  
> कीन्हि प्रसंसा भूपति भूरी। रानिन्ह सहित लीन्हि पग धूरी॥३॥

भावार्थ: राजाने गाधि-पुत्र विश्वामित्रजीकी बहुत तरहसे पूजा की और कहा—हे नाथ! मेरे समान धन्य दूसरा कोई नहीं है। राजाने उनकी बहुत प्रशंसा की और रानियोंसहित उनकी चरणधूलिको ग्रहण किया॥ ३ ॥

**चौ०** 
> भीतर भवन दीन्ह बर बासू। मन जोगवत रह नृपु रनिवासू॥  
> पूजे गुर पद कमल बहोरी। कीन्हि बिनय उर प्रीति न थोरी॥४॥

भावार्थ: उन्हें महलके भीतर ठहरनेको उत्तम स्थान दिया, जिसमें राजा और सब रनिवास उनका मन जोहता रहे ( अर्थात्‌ जिसमें राजा और महलकी सारी रानियाँ स्वयं उनके इच्छानुसार उनके आरामकी ओर दृष्टि रख सकें ), फिर राजाने गुरु वसिष्ठजीके चरणकमलोंकी पूजा और विनती की। उनके हृदयमें कम प्रीति न थी ( अर्थात्‌ बहुत प्रीति थी )॥ ४ ॥

**दो०** 
> बधुन्ह समेत कुमार सब रानिन्ह सहित महीसु।  
> पुनि पुनि बंदत गुर चरन देत असीस मुनीसु॥३५२॥

भावार्थ: बहुओंसहित सब राजकुमार और सब रानियोंसमेत राजा बार-बार गुरुजीके चरणोंकी वन्दना करते हैं और मुनीश्वर आशीर्वाद देते हैं॥ ३५२ ॥

Previous: https://ramayana.com/hi/ramcharitmanas/bal-kand/doha-351  
Kand: https://ramayana.com/hi/ramcharitmanas/bal-kand  
Next: https://ramayana.com/hi/ramcharitmanas/bal-kand/doha-353

---

स्रोत: गीताप्रेस, गोरखपुर। पुस्तक खरीदें: https://gitapress.org/product/sri-ramcharitmanas-special-edition

Ramayana.com, वेदव्यास फ़ाउंडेशन। निःशुल्क, विज्ञापन रहित।
